nalanda
Wednesday, October 8, 2008
08-10-2007
हर दावा -ऐ-एर्तिका को माना मैंने
हर गोशा -ऐ-कायनात को छाना मैंने
सब कुछ जान चुका तो ऐ हरीफे दमसाज़
कुछ नही जनता ,ऐ जाना मैंने !
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